पैसा

पैसा ऐसी धार है , बनती आंसू धार |
धार उधारी झेलते , डूब गए मंझधार ||
डूब गए मंझधार , गाते सब अपने गीत |
प्यारी प्यारी राग , सुने नहीं कोई मीत ||
कह 'वाणी' कविराज , हाल बिगड़ा है ऐसा |
पैसा मांगे लोग , हम मांगे पैसा - पैसा ||


2 टिप्‍पणियां:

  1. ये आम आदमी की आत्मा की आवाज हे |

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  2. तू पैसा पैसा करती हे तू पैसे पर क्यूँ मरती हे |

    राहुल शर्मा

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